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विवेकानंद संस्था ने दिव्यांगों संग मनाया अंतराष्ट्रीय योग दिवस

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  विवेकानंद संस्था ने दिव्यांगों संग मनाया अंतराष्ट्रीय योग दिवस  अंतराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर  विवेकानंद संस्था के निदेशक सुकर्ण चंदेल ने विवेकानंद ग्रुप ऑफ़ कॉलेज के छात्रों के साथ ऑनलाइन योगाभ्यास किया। सुकर्ण चंदेल ने योग को स्वास्थ्य के लिए वरदान बताते हुए कहा कि योग विधा का लाभकारी प्रभाव से सम्पूर्ण जीवन स्वस्थ हो जाता है। नियमित योगाभ्यास से नकारात्मकता दूर होने लगती है और शरीर के साथ स्वस्थ मानसिकता का विकास होने लगता है।  सुकर्ण चंदेल ने छात्रों को देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से प्रेरणा लेकर स्वस्थ जीवन के लिए योग के महत्व को अंगीकृत करने की अपील किया। सुकर्ण चंदेल ने बताया कि विवेकानंद ग्रुप ऑफ़ कॉलेज के सभी विद्यालयों में छात्रों को प्रतिदिन योगाभ्यास कराया जाता है।      

अंतर्मन को छूता महाभारत का श्री कृष्ण और भीष्म प्रसंग

अंतर्मन को छूता महाभारत का श्री कृष्ण - भीष्म प्रसंग महाभारत युद्ध समाप्त हो चुका था. युद्धभूमि में यत्र-तत्र योद्धाओं के फटे वस्त्र, मुकुट, टूटे शस्त्र, टूटे रथों के चक्के, छज्जे आदि बिखरे हुए थे और वायुमण्डल में पसरी हुई थी घोर उदासी .... ! गिद्ध , कुत्ते , सियारों की उदास और डरावनी आवाजों के बीच उस निर्जन हो चुकी उस भूमि में द्वापर का सबसे महान योद्धा "देवव्रत" (भीष्म पितामह) शरशय्या पर अकेले पड़े सूर्य के उत्तरायण होने की प्रतीक्षा कर रहे थे ! तभी उनके कानों में एक परिचित ध्वनि शहद घोलती हुई पहुँची , "प्रणाम पितामह" .... !! भीष्म के सूख चुके अधरों पर एक मरी हुई मुस्कुराहट तैर उठी ,  बोले , " आओ देवकीनंदन .... !  स्वागत है तुम्हारा .... !! मैं बहुत देर से तुम्हारा ही स्मरण कर रहा था" .... !! श्री कृष्ण बोले ,  "क्या कहूँ पितामह ! अब तो यह भी नहीं पूछ सकता कि कैसे हैं आप" .... ! भीष्म चुप रहे , कुछ क्षण बाद बोले," पुत्र युधिष्ठिर का राज्याभिषेक करा चुके केशव ... ? उनका ध्यान रखना , परिवार के बुजुर्गों से रिक्त हो चुके राजप्रासाद में उन्हें ...

ब्लैक फंगस मरीजों का नई तकनीक से सफलतापूर्वक किया जा रहा इलाज

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ब्लैक फंगस मरीजों का  नई  तकनीक से सफलतापूर्वक किया जा रहा इलाज वैश्विक महामारी कोविड 19 के संक्रमण की दूसरी लहर के बाद ब्लैक फंगस संक्रमण के खतरे से लोगो डरे हुए है। वही पिछले दिनों जनपद में ब्लैक फंगस संक्रमण के कई मरीज सामने आये जिनका जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में सफलता पूर्वक इलाज किया जा रहा है।  मेडिकल कॉलेज में नेत्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ परवेज खान द्वारा नई तकनीक का ईजाद कर ब्लैक फंगस संक्रमण से ग्रसित मरीजों का सफलतापूर्वक ईलाज कर ब्लैक फंगस संक्रमण से ग्रसित मरीजों की आँखों को भी बचाया जा रहा है।                                                  जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के विभागाध्यक्ष डॉ परवेज खान ने म्यूकोर माइकोसिस अर्थात ब्लैक फंगस के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बताया कि इसके संक्रमण का खतरा मुख्यता कम इम्युनिटी वाले लोगो के साथ डायबिटीज के मरीजों और बीमारी के दौरान स्टेरॉयड का ज्यादा प्रयोग करने वाले लोगो में...

किस काम की दौलत

  किस काम की दौलत धन कमाने की होड़ में गलत सही, धर्म अधर्म से परे धनवान बनने के लिए छल कपट चोरी डकैती भ्रस्टाचार में लिप्त होकर लोग अपनी तिजोरी भरने संपत्ति बढ़ाने में लगे है... पर क्या एकत्रित किये गए धन से किसी का जीवन खरीदा जा सकता है..??? वैश्विक महामारी कोरोना ने सभी लोगो को सबक ज़रूर दिया है। खुदा का सबक सिखाना भी जरूरी था साहब... कुछ नासमझ धन के मद में चूर होकर खुद को ही खुदा समझ बैठे थे। न्यूयॉर्क की एक सच्ची घटना सीखने के लिए काफी है। न्यूयॉर्क में एक व्यक्ति करोना की वजह से मर गया , उसने अपने दोस्त के नाम वसीयत में लिखा कि मेरे मरने के बाद मेरा सारा पैसा सड़क के बीचो बीच आसमान में उछाल कर लुटा देना।  जिससे लोगों को सीख मिले कि दुनिया की सारी दौलत भी किसी इंसान की मौत को नही टाल सकती।  अर्जित की गयी धन संपत्ति सिर्फ वो कागज के टुकड़े थे, जिसको कमाने के चक्कर में धर्म अधर्म सही गलत तरह से कमाने के लिए मैने अपना पूरा जीवन लगा दिया।

सनातन धर्म और ज्योतिष

सनातन धर्म और ज्योतिष ज्योतिष के विषय में कठोर आलोचनात्मक, निंदात्मक, पाखण्ड, झूठ, धंधा आदि कहने वाले लोगो की अपनी इच्छा है क्योंकि किसी के कहने से सूर्य का प्रकाश कम नहीं होता।  ज्योतिष सूर्य और चंद्रमा की विद्या है। इसे लांछित करना प्रज्ञापराध की श्रेणी में आता है। जिसका दंड स्वयं काल समय आने पर देता है। सनातन की परम्परा से अनादिकाल से चल आ रहे वैदिक ज्ञान के अनुसार जानना चाहिए कि ज्योतिष क्या है...?? सनातन, वैदिक, हिंदू संस्कृति और आर्य परंपरा वेदों को मुख्य शास्‍त्र मानकर पूजती है। शास्त्रों ने वेदों के 6 अंग बताए हैं। जिन्हें शिक्षा, कल्प, निरुक्त, व्याकरण, ज्योतिष और छंद के रूप में जाना जाता है। शास्त्रों ने ज्योतिष को वेदों का नेत्र कहा है, जिसके साक्षी भगवान सूर्य और चंद्रमा हैं। ज्योतिष हमारा बनाया हुआ नहीं है। हम ज्योतिष के उन सूत्रों का अनुसरण करते हैं, जिन्हें वेदों की ऋचाओं का गान करने वाले मंत्रदृष्टा ऋषियों ने लिखा है।  ज्योतिष शास्त्र नक्षत्र आदि की स्थिति के अनुकुल या प्रतिकुल ग्रहों की गति की गणना का विज्ञान है । जिनके अठारह प्रवर्तक हमारे मनीषियों ने कहा है ...

सुंदरकांड - चमत्कारिक प्रभाव देने वाला काव्य

  सुंदरकांड - चमत्कारिक प्रभाव देने वाला काव्य सुंदरकांड को समझ कर उसका पाठ करें तो हमें और भी आनंद आएगा। सुंदरकांड में 1 से 26 तक जो दोहे हैं, उनमें शिवजी का अवगाहन है, शिवजी का गायन है, वो शिव कांची है। क्योंकि शिव आधार हैं, अर्थात कल्याण। जहां तक आधार का सवाल है, तो पहले हमें अपने शरीर को स्वस्थ बनाना चाहिए, शरीर स्वस्थ होगा तभी हमारे सभी काम हो पाएंगे। किसी भी काम को करने के लिए अगर शरीर स्वस्थ है तभी हम कुछ कर पाएंगे, या कुछ कर सकते हैं। सुंदरकांड की एक से लेकर 26 चौपाइयों में तुलसी बाबा ने कुछ ऐसे गुप्त मंत्र हमारे लिए रखे हैं जो प्रकट में तो हनुमान जी का ही चरित्र है लेकिन अप्रकट में जो चरित्र है वह हमारे शरीर में चलता है। हमारे शरीर में 72000 नाड़ियां हैं उनमें से भी तीन सबसे महत्वपूर्ण हैं। जैसे ही हम सुंदरकांड प्रारंभ करते हैं- ॐ श्री परमात्मने नमः, तभी से हमारी नाड़ियों का शुद्धिकरण प्रारंभ हो जाता है। सुंदरकांड में एक से लेकर 26 दोहे तक में ऐसी ताकत है, ऐसी शक्ति है... जिसका बखान करना ही इस पृथ्वी के मनुष्यों के बस की बात नहीं है। इन दोहों में किसी भी राजरोग को मिटाने क...

भारत में कोवीड़ 19 की दूसरी लहर की गति हो रही है धीमी

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भारत में कोवीड़ 19 की दूसरी लहर की गति हो रही है धीमी -  आईआईटी कानपुर  आईआईटी कानपुर  के वैज्ञानिक  प्रो. राजेश रंजन और प्रो. महेंद्र वर्मा के अनुसार भारत में  कोविड -19 की दूसरी लहर की गति धीमी पड़ रही है। वैज्ञानिको की टीम द्वारा   देश भर में जिलेवार विवरण पूर्वानुमान प्रदान करने के लिए एक मॉडल "कोविड -19 भविष्यवाणी मॉडल" पर निरंतर कार्य किया जा रहा है। जिसके बाद वैज्ञानिको ने  अद्द्यतन दैनिक  पूर्वानुमानों के लिए एक वेबसाइट (  https://covid19-forecast.org  ) लॉन्च की है।  वैज्ञानिको द्वारा तैयार  किये गए मॉडल के   अनुसार  1. भारत में संक्रमण मई के पहले सप्ताह में अपने चरम पर पहुंच गया है और वर्तमान में कुछ राज्यों को छोड़कर इसमें भारी गिरावट आ रही है। हस्तक्षेपों के कारण 8 मई, 2021 को दैनिक मामलों की औसत संख्या इसके मूल्य का लगभग 60% हो गई है। 2. परीक्षण सकारात्मकता दर (टीपीआर) भी 8 मई 2021 को लगभग 23% के उच्च मूल्य से घटकर लगभग 12% हो गई है, जो दैनिक परीक्षण क्षमता में वृद्धि के कारण है। 3. मृत...

कोरोना महामारी से निपटने में आईआईटी कानपुर जरूरतमंद छात्रों को देगा राहत सहायता राशि

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  कोरोना महामारी से निपटने में आईआईटी कानपुर जरूरतमंद छात्रों को देगा राहत सहायता राशि    आईआईटी कानपुर ने कोरोना महामारी काल में मेडिकल आपात स्थिति का सामना कर रहे छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए कोविड 19 रिलीफ फण्ड की शुरुआत की है। संस्थान के निदेशक प्रो अभय  करंदीकर के अनुसार  योगदानकतार्ओं के सहयोग से संस्थान ने 3 सप्ताह में ही 700 से भी अधिक लोगो की मदद से एक करोड़ से अधिक की राहत सहायता राशि जुटा लिया है।  प्रो अभय करंदीकर के अनुसार कुछ जरूरतमंद छात्रों द्वारा अपने परिवार के सदस्यों के इलाज के लिए पैसे की जरूरत पड़ने पर संस्थान से मदद करने की गुहार लगायी गई थी। जिसको संज्ञान में लेकर संस्थान द्वारा कोविड 19 रिलीफ फण्ड की शुरुआत की गयी और जरूरतमंद छात्रों की मदद की जा रही है। उन्होंने बताया कि जरूरतमंद छात्रों की मदद के लिए संस्थान द्वारा कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी के सदस्यों द्वारा जरूरतमंद छात्रों के आवेदन पर निर्णय लेने के बाद सहायता राशि प्रदान की जायेगी। 

एयर्थ ने तैयार किया एंटी माइक्रोबियल एयर प्यूरीफायर, बैक्टीरिया और वायरस से करेगा सुरक्षित

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  आईआईटी की इन्क्यूबेटर कंपनी एयर्थ ने तैयार किया एंटी माइक्रोबियल एयर प्यूरीफायर,  बैक्टीरिया और वायरस से करेगा सुरक्षित  आईआईटी कानपुर और बॉम्बे के वैज्ञानिको की मदद से इन्क्यूबेटर कंपनी एयर्थ द्वारा एंटी माइक्रोबियल एयर प्यूरीफायर तैयार किया गया है। कोरोना और ब्लैक फंगस संक्रमण सहित हवा में मौजूद अन्य कीटाणु, बैक्टीरिया और वायरस से बचाव को लेकर तैयार किये इस एंटी माइक्रोबियल एयर प्यूरीफायर को पूरी तरह से कारगर और सुरक्षित बताया जा रहा है।    एयर्थ कंपनी के सीईओ रवि कौशिक के अनुसार अभी तक अस्पतालो में यूवी लाइट या फ्यूमिगेशन का प्रयोग किया जाता है जो कि मरीज स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। इसको ध्यान में रखते हुए आईआईटी कानपुर और आईआईटी बॉम्बे के सहयोग से एंटी माइक्रोबियल एयर प्यूरीफायर तैयार किया गया है जो कि वायरस, बैक्टीरिया और फंगस का रियल टाइम डी-एक्टिवेशन करने के साथ ही इसे लगातार पूरे समय तक प्रयोग किया जा सकता और यह पूरी तरह से सुरक्षित है इसका मानव शरीर पर हानिकारक असर नहीं होता है।  रवि कौशिक  ने बताया ...

पुनर्जन्म से सम्बंधित अनसुलझी बाते

 पुनर्जन्म से सम्बंधित  अनसुलझी बाते    प्रश्न :- पुनर्जन्म किसको कहते हैं ? उत्तर :- जब जीवात्मा एक शरीर का त्याग करके किसी दूसरे शरीर में जाती है तो इस बार बार जन्म लेने की क्रिया को पुनर्जन्म कहते हैं । प्रश्न :- पुनर्जन्म क्यों होता है ? उत्तर :- जब एक जन्म के अच्छे बुरे कर्मों के फल अधुरे रह जाते हैं तो उनको भोगने के लिए दूसरे जन्म आवश्यक हैं । प्रश्न :- अच्छे बुरे कर्मों का फल एक ही जन्म में क्यों नहीं मिलता ... एक में ही सब निपट जाये तो कितना अच्छा हो ? उत्तर :- नहीं जब एक जन्म में कर्मों का फल शेष रह जाए तो उसे भोगने के लिए दूसरे जन्म अपेक्षित होते हैं । प्रश्न :- पुनर्जन्म को कैसे समझा जा सकता है ? उत्तर :- पुनर्जन्म को समझने के लिए जीवन और मृत्यु को समझना आवश्यक है और जीवन मृत्यु को समझने के लिए शरीर को समझना आवश्यक है। प्रश्न :- शरीर के बारे में समझाएँ ? उत्तर :- हमारे शरीर को निर्माण प्रकृति से हुआ है।  जिसमें मूल प्रकृति ( सत्व रजस और तमस ) से प्रथम बुद्धि तत्व का निर्माण हुआ है। बुद्धि से अहंकार (बुद्धि का आभामण्डल)। अहंकार से पांच ज्ञानेन्द्रियाँ ...