साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस वर्ल्डवाइड
 




साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस वर्ल्डवाइड

 

आईआईटी कानपुर में दुनिया की सबसे बड़ी छात्र साइबर सुरक्षा प्रतिस्पर्धात्मक CSAW (साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस वर्ल्डवाइड) न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय और दुनिया भर के अन्य केंद्रों के सहयोग से आयोजित की गयी। आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो अभय करंदीकर ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया।  इस दौरान आईआईटी कानपुर द्वारा दो एमओयू समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गए। जिसमे एक एमओयू आईआईटी कानपुर और डेटा सुरक्षा परिषद (DSCI) तथा दूसरा एमओयू श्नाइडर इलेक्ट्रिक इंडिया और आईआईटी कानपुर के बीच एमओयू समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया। 

 




 

कार्यक्रम के दौरान 36 घंटे की हैकिंग प्रतियोगिता "कैप्चर द फ्लैग" आयोजित की गयी जिसमे IIT खड़गपुर, IIT गांधीनगर, IIT मद्रास, IIT धारवाड़, IIIT इलाहाबाद, कोचीन प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मध्य एप्लाइड अनुसंधान प्रतियोगिता , एंबेडेड सुरक्षा चैलेंज में प्रतिस्पर्धा का मुकाबला हुआ। इसके साथ ही उद्योग से जुड़े हुए इंजीनियरों के लिए एक औद्योगिक सुरक्षा कार्यशाला और इंण्डस्ट्रीयल हैकिंग कान्टेस्ट का आयोजन किया गया। 

 


एप्लाइड रिसर्च प्रतियोगिता में छात्र CSAW बेस्ट पेपर अवार्ड प्रतियोगिता भी आयोजित कर स्वीकृत शोध पत्र प्रस्तुत किये गए। CSAW प्रतियोगिता में सम्मानित संगठनो से न्यायाधीशों को अनुसंधान की मौलिकता, प्रासंगिकता और सटीकता का मूल्यांकन करने के लिए आमंत्रित कर सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र शीर्ष तीन प्रस्तुतियाँ से सम्मानित किया गया।

 

एंबेडेड सिक्योरिटी चैलेंज (ईएससी) में, एक ब्लू टीम एक लक्ष्य प्रणाली डिजाइन करती है। एक रेड टीमें इसे हैक करने की कोशिश करती हैं। इस वर्ष का विषय रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) था। प्रतिभागियों ने चुनौती को क्रैक करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले तरीकों और कार्यप्रणालियों के साथ कौशल को बढ़ाने के लिए फील्ड उपकरण, संचार प्रोटोकॉल, मानव मशीन इंटरफेस (HMI) और SCADA अनुप्रयोगों के नियंत्रण प्रणाली के व्यक्तिगत घटक को समझने के लिए साइबर सुरक्षा कार्यशाला जजों के सामने प्रस्तुत किया गया। जिसमे भेद्यता मूल्यांकन और पैठ परीक्षण, एनट्रूफ़ डिटेक्शन सिस्टम, हनीपॉट परिनियोजन और मैलवेयर विश्लेषण पर सुरक्षा कार्यशाला प्रमुख अवधारणाएँ थीं।